लखनऊ: उत्तर प्रदेश के बिजली उपभोक्ताओं को महंगाई की मार झेलनी पड़ सकती है. सरकार रेगुलेटरी सरचार्ज लगाने की तैयारी कर रही है. यूपी पावर कारपोरेशन लिमिटेड (UPPCL) ने उपभोक्ताओं पर रेगुलेटरी सरचार्ज के लिए राज्य विद्युत नियामक आयोग (State Electricity Regulatory Commissom) को प्रस्ताव भेजा है. अब 17 मई को नियामक आयोग इस पर सुनवाई करेगा.उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद ने यूपीपीसीएल के इस प्रस्ताव को बिजली उपभोक्ताओं पर बोझ बढ़ाने वाला बताया है. राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद का कहना है कि बिजली कंपनियां और राज्य सरकार आपदा में अवसर तलाशने में जुटी हैं. रेगुलेटरी सरचार्ज लगाने से आम जनता पर बोझ बढ़ जाएगा. इससे बिजली बिल में करीब 10% का इजाफा होगा.
उपभोक्ता परिषद् ने नियामक आयोग में याचिका दाखिल कर मांग की है कि सभी पक्षों को सुनने के बाद वर्ष 2017-18 तक बिजली कंपनियों पर राज्य के विद्युत उपभोक्ताओं का उदय व ट्रूप में 13337 करोड़ निकाला था. उपभोक्ताओं को आगे लाभ देने की बात कही गयी थी. वर्ष 2020-21 तक यह राशि बढ़कर 19537 करोड़ हो गई है.