नदियों में शव प्रवाहित करने से रोकने की जिम्मेदारी नवनिर्वाचित ग्राम प्रधानों को सौंपी गई है। अत्याधिक निर्धन और निराश्रित परिवारों में मृत्यु होने पर शवों की उचित तरीके से अंत्येष्टि कराने के लिए पंचायतों द्वारा 5,000 रुपये धनराशि प्रदान की जाएगी। क्षेत्र व जिला पंचायत सदस्यों का भी सहयोग लिया जाए। भूखमरी के शिकार और बीमारी की दशा में इलाज के लिए भी सहायता देने के निर्देश दिए गए हैं।
अपर मुख्य सचिव पंचायतीराज मनोज कुमार सिंह ने शनिवार को जारी आदेश में कहा कि कोरोना अथवा अन्य किसी कारण से मृत्यु होने पर शवों को नदियों में बहा दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायतों में नवनिर्वाचित प्रधान अपने क्षेत्र में सुनिश्चित करें कि शव किसी भी दशा में नदी में प्रवाहित नहीं किया जाए। जिला पंचायत राज अधिकारियों को निर्देशित किया कि मृत व्यक्ति के परिजनों को अंत्येष्टि कराने के लिए पांच हजार रुपये प्रदान करने के साथ कोरोना संक्रमित का अंतिम संस्कार कोविड प्रोटोकाल के तहत ही किया जाए।