बुलंदशहर। बुलंदशहर के गुलावठी में गांव सोहनपुर में एक मस्जिद में भीड़ का विरोध करने पर गांव के ही लोगों ने एक मुतवल्ली व उनके परिवार के लोगों पर घर मे घुसकर जानलेवा हमला कर दिया। जिसमे उनके भाई और लड़का घायल हो गया। मुतवल्ली की तहरीर पर पुलिस ने 12 लोग नामजद व 15 लोग अज्ञात के खिलाफ जानलेवा हमला और महामारी अधिनियम के तहत मुकदमा कायम किया है।
गांव सोहनपुर निवासी नन्हे खा ने बताया कि वह जामा मस्जिद के मुतवल्ली (प्रबंधक) है। गत 13 मई को शाम करीब 8 बजे मस्जिद में 30-40 लोग एकत्र थे और नजम गाई जा रही थी। जब उन्होंने कोरोना महामारी के चलते सरकार के आदेश का हवाला देते हुए इसका विरोध किया तो गांव के ही आकिल, अता मोहमद, अकील, मोहसिन आदि ने उनकी बात का विरोध करते हुए कहा कि मस्जिद हमारी है। आप कौन होते है रोकने वाले। जिसके बाद मुतवल्ली चुपचाप अपने घर चले आए।बताया कि 15 मई को वह अपने भाई इंसर अली के घर बैठा हुआ था तभी गुलजार, अकील, नदीम, दिलदार, शोएब आदि ग्रामीण अपने हाथों में लाठी डंडे, तलवार, बलकटी लेकर उनके भाई इंसर अली के घर मे घुस आए और गाली गलौच करते हुए आते ही जान से मारने की नीयत से उनके व उनके पास बैठे भाई इंसर अली, पुत्र सरफराज और भतीजे अमजद जो अलग कमरे में होम आइसोलेट था, उसके ऊपर जानलेवा हमला कर दिया। जिसमे भाई इंसर अली, पुत्र सरफराज के चेहरे और शरीर पर जगह जगह गंभीर चोटें आई। बाद में हमलावर जान से मारने की धमकी देते हुए फरार हो गए। पीड़ित की तहरीर पर पुलिस ने गांव के ही 12 लोग नामजद और 15 अज्ञात के खिलाफ जानलेवा हमला और महामारी अधिनियम के खिलाफ मुकदमा कायम किया है।